क्या है "वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन" योजना: उच्च शिक्षा और शोध में एक नया आयाम
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने "वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन" योजना को मंजूरी दी है।
यह नई केंद्रीय क्षेत्रीय योजना देशभर में उच्च शिक्षा संस्थानों और शोध एवं विकास (R&D) प्रयोगशालाओं के लिए शोध लेखों और जर्नल्स तक पहुंच प्रदान करेगी।
योजना की मुख्य विशेषताएँ:
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डिजिटल प्रक्रिया:
यह पूरी तरह डिजिटल और सरल प्रक्रिया द्वारा संचालित होगी। -
बजट आवंटन:
तीन वर्षों (2025, 2026 और 2027) के लिए 6,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। -
लाभार्थी संस्थान:
- योजना का लाभ 6,300+ उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) और केंद्रीय सरकार के R&D संस्थानों को मिलेगा।
- करीब 1.8 करोड़ छात्र, फैकल्टी और शोधकर्ता इस सुविधा का उपयोग कर सकेंगे।
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क्रियान्वयन एजेंसी:
योजना का समन्वय इंफॉर्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क (INFLIBNET), जो UGC का एक स्वायत्त केंद्र है, द्वारा किया जाएगा। -
अनुसंधान को बढ़ावा:
योजना "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020" और "विकसित भारत @2047" के लक्ष्यों के अनुरूप है। यह छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) तक भी शोध-पत्रों और जर्नल्स की पहुंच सुनिश्चित करेगी। -
एकीकृत पोर्टल:
- "वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन" पोर्टल के माध्यम से संस्थान शोध जर्नल्स तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे।
- "अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन" (ANRF) इस योजना के उपयोग और शोध प्रकाशनों का समय-समय पर समीक्षा करेगा।
- "वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन" पोर्टल के माध्यम से संस्थान शोध जर्नल्स तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे।
लाभ:
- छात्रों और शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले जर्नल्स और लेखों तक सुलभ पहुंच मिलेगी।
- देश में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
- बहु-विषयक शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रचार-प्रसार:
केंद्रीय और राज्य सरकारें इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार अभियानों का आयोजन करेंगी।
"वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन" योजना भारत में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है।
यह न केवल छात्रों और शिक्षकों के लिए ज्ञान का एक समृद्ध स्रोत प्रदान करेगी, बल्कि देश को वैश्विक अनुसंधान एवं विकास मानचित्र पर भी आगे ले जाएगी।

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